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इक दूजे के लिए….

जब भी ख्यालों में तेरा नाम आता है,
मेरे  अंदर से ये पैगाम आता है,

तू बनीं है बस मेरे लिए,

मैं बना हूँ बस तेरे लिए,

जब भी मेरी साँसें अंदर जाती हैं,

उन सासों से भी ये आवाज आती है,

तू हसीं है तो सिर्फ मेरे लिए,

मैं हसीं हूँ तो बस तेरे लिए,

जब जब ये दिल धड़कता है,

तो मुझसे बस इक ही बात कहता है,

हम लग जाएं इक दूजे के गले,

और मिटा दें सारे शिकवे गिले।

जब निगाहों से निगाहें मिल जाती हैं, 
तो दिल में इक हलचल सी होती है, 
समझते नहीं हम कुछ भी मगर,

ये इश्क कम्बखत खुद बखुद हो जाती है।

              ~@ENGLISH VERSION@~

Whenever your name comes in thoughts,

It comes from inside me,

You have become just for me,

I’m just for you,

Whenever my breath goes in,

These voices also come from ,

If you are beautiful then just for me,

I am beautiful, just for you,

When this heart beats,

So it only say one thing,

We should take a hug,

And delete all the teachings.

                           ~@-$-$-@~

When the eyes are seen from the eyes,
So there is a bickle in the heart,

We do not understand anything but

Love idiot himself gets bent.

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FOR YOU 2…

Thanks to you all being in journey of 500.

Wish you a very happy “SHREE KRISHNA JANAMASTAMI”


And “15TH AUGUST,THE INDEPENDENCE DAY”

                           ~ANKIT VERMA

प्रेम कहानी…

सावन की मस्ती हो राग हो और रागिनी,
मैं रहूँ वो हों और हो ये जिन्दगानी,

चाँदनी रात हो,

झिलमिल सितारे हों,

अनजान सा डगर हो, 

जहाँ ना किसी का डर हो,

और हम लिखें इक प्रेम कहानी,

मैं हूँ वो हों और हो ये जिंदगानी।

इक सुहाना सफर हो,

आकाश में बादल हो,

और रिमझिम सी बारिश,

चलकर प्यार के पथ पर,

हम कहें इक प्रेम कहानी,

मैं हूँ वो हों और हो ये जिंदगानी।

इक अनजाना सा शहर हो,

उस शहर में अपना घर हो,

घर में न किसी का चहल हो,

बस मैं हूँ वो हों और रचें इक प्रेम कहानी,

मैं हूँ वो हों और हो ये जिंदगानी।।

                       ~ANKIT VERMA

हमसफर…

चले थे हम इक अनजाने सफर पर,

इक अनजाने नगर को, इक.अनजाने डगर पर,

चलते चलते हमें यूं कुछ ऐसा हुआ,

पाँव थम सी गई,नजर रूक सी गई,

दिल थम सा गया अब उन्हें देखकर,

वो परियों की रानी,

उनकी भोली सकल पर प्यारी सी नादानी,

उनकी बातों की मस्ती,

कुछ दिल को ऐसी थी लगती,

मैं बेहोश हो गया,

कसम से मैं बेहोश हो गया,

मैंने दिल दे दिया,

यारों मुझे इश्क हो गया,

अरे हाँ हाँ यारों मुझे इश्क हो गया।

अब जब मैं बढा अनजाने सफर पर,

मुझे ये क्या हुआ,

मुझे ऐसा लगा,

मुझे वो नगर मिल गया

मुझे वो डगर मिल गया

मुझे वो मिल गई, जिसकी थी मुझे तलाश,

मुझे मकसद मिली,

मुझे हमसफर मिल गई

अब कुछ मंजिल थी मेरी,

अब इक डगर थी मेरी, 

अब न अनजाने थे हम ,

न अनजाना था सफर,

जाना था कहीं दूर,

जहाँ सिर्फ मैं हूँ और मेरी हमसफर..

I LOVE YOU FOREVER……

                                  ~ANKIT VERMA

नन्हा सा बचपन…

नन्हा सा मैं और नन्हा सा बचपन,
क्या दोस्ती थी हमारी,

वो प्यारा सा बचपन

वो हमारी मस्ती

वो मस्ती कितनी थी जँचती,

वो माँ की ममता की आँचल,

उस आँचल की हवा,

वो पापा का प्यार,

अंकल चाकलेटों वाले यार,

कितना सुहाना था वो बचपन हमारा,

नन्हा सा मैं और नन्हा सा बचपन।

वो बचपन की यारी, थी कितनी वो प्यारी

लड़ते थे रोज, रोज बनते थे यार,

न कुछ था अपना न कुछ था पराया,

प्यारा था सबसे वो बचपन हमारा,

नन्हा सा मैं नन्हा बचपन हमारा,

वो दादी जी का लाड,

और दादा जी का प्यार,

दोस्त थे वे हमारे, बचपन के यार

वो.बचपन हमारा था सबसे ही प्यारा,

नन्हा सा मैं था नन्हा बचपन हमारा।।

                            ~ANKIT VERMA

वन्देमातरम….

जिस मिट्टी पर जन्म लिए, 
उस मिट्टी का कर्ज चुकाएंगे।

भारत मां के बच्चे हैं, 

भारत पर जान लुटाएंगे।

चीन हो या पाक,सबको धूल चटाएंगे।

कुत्ते और गीदड़ की तरह , 

हम इनको मार भगाएंगे।

भारत मां के बच्चे हैं, 

भारत पर जान लुटाएंगे।।

                       वन्देमातरम ,  जय हिंद

HAPPY BIRTHDAY TO THE GREAT CHANDRA SHEKHAR AAJAD.


                                             ~ANKIT VERMA

FOR YOU ALL….

गुस्ताखी माफ हो,आज मैं इजहार करने आया हूँ।

इकरार करने आया हूँ, आपको प्यार करने आया हूँ।।

Love for all of my followers and readers.Thank you very much for your appreciation ,your like ,your comments and suggestions and your love.

THANKU YOU ALL.