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सफर…

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सफर है ये जिंदगी तू सफर कर,
ऐ आशिक इश्क मे तू सफर कर,

पाना है जो तुम्हें मंजिल तो सफर कर,

कर लिया है जो इश्क तो तू सफर कर,

कभी तन्हाई का सफर,

कभी रूसवाई का सफर,

कभी यादों का सफर,

तो कभी ख्वाबों का.सफर,

सफर कर ए जिन्दगी तू सफर कर,

ए आशिक इश्क मे तू सफर कर,

वो चाहत की बातें,

वो प्यारी सी आखें,

वो झिलमिल सी रातें ,

उन रातों की मुलाकातें,

सब बातों का तू अब तो सफर कर,

सफर है ये जिंदगी तू सफर कर,

ए आशिक इश्क मे तू सफर कर,

आखें रोतीं हैं,

दिल मे दर्द सा हुआ है,

मेरी मेहबूबा आपकी यादों मे,

ये जिंदगी नर्क सा हुआ है।

                                                 ~ANKIT VERMA

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13 Comments

  1. jyo says:

    Woww… amazing write up !!

    Liked by 1 person

  2. Madhusudan says:

    Shandaar…Umdaa aa…👌👌👌

    Liked by 1 person

  3. mann says:

    अंकित भाई जोरदार👌👌

    Liked by 1 person

  4. pkckd1989 says:

    Kya khub lines likhi he ankit ji… bahut acchi lagi..

    Liked by 1 person

  5. drksbhardwaj says:

    “वो चाहत की बातें,

    वो प्यारी सी आखें,

    वो झिलमिल सी रातें ,

    उन रातों की मुलाकातें,

    सब बातों का तू अब तो सफर कर,

    सफर है ये जिंदगी तू सफर कर.”
    वाह !

    Liked by 1 person

  6. बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति हुई है।

    Like

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