Start here

जब कभी..

जब कभी उनकी यादों में ये दिल​ खो जाता है,
जब कभी उनकी बातें हमें याद आती हैं,

जब कभी उनकी मुस्कराहटें मुझे याद आती हैं, 

तब तब ये मेरा दिल उन्हें पाने को तड़पता है, 

आँखें रोतीं हैं, बस इक लगन सी होती है,

इक बार काश हम मिल जाते,

इक पल के लिए ही हम अपनी सब गलतियां भूल जाते,

शायद वो पल ही हमें फिर से मिला दे,

इक दूजे को कुछ ऐसा सिखा दे,

कि हम फिर कभी जुदा न हों, 

कि फिर हम कभी खफा न हों, 

ऐ खुदा अब तू कुछ तो बता दे,

उनसे मिला दे उनका बना दे।

                           ~ANKIT VERMA

            ~@~ ENGLISH VERSION ~@~

Whenever these hearts are lost in their memories,

Whenever we miss them,

Whenever I miss his smile,


Then then my heart agitates to get them,


The eyes are crying, there is only one inclination,


I wish I could get it once,


For a moment, we forget all our mistakes,


Maybe that moment is to get us back again,


Teach me something like this,


That we may never be separated,


That we should never be upset,


Oh God, now you tell me something,


Join them and make them theirs.


                                ~ ANKIT VERMA


   

Advertisements

सफर…

सफर ये सफर जिन्दगी का सफर,

टेढी मेढी इस रास्ते का सफर,

कहीं खुशियों का सफर,

तो कहीं दुखों का सफर,

कहीं है मिलन का असर,

तो कहीं है बिछड़न का असर, 

सफर ये सफर जिन्दगी का सफर,

बचपन में पापा के प्यार का सफर, 

उसमें मां के संस्कार का असर, 

युवा तो जिम्मेदारियों का पहर, 

बुढापा तो अतीत ढूंढने का पहर,

सफर ये सफर जिन्दगी का सफर। 

बचपन होता है खेल कूद के बिताने के लिए,

युवा होते हैं देश कुल का गौरव बढाने के लिए,

बुढापा तो यूं ही गुजर जाती है लोगों को सही बात बताने में,

जिन्दगी के हर पहलू में इक प्यार और अपनापन है,

इसीलिए तो ये सफर-ए-जानेमन है।

LOVE YOU JINDAGI…..

                               ~ANKIT VERMA

उड़नछू(२)…

हसरत तो हमे भी थी मोहब्बतें इश्क की,
पर  कम्बख्त  ने  दिल  इस  कदर  तोड़ा,

फिर किसी से जुड़ने की नाम ही नहीं ली।

                          ~ANKIT VERMA

गुफ्तगूं (2)…

चाहते इश्क है, इसे फरियाद मत समझो
ये जो हम तुम पेमरते हैं, इसे मजाक मत समझो

यूं तन्हाइयों को भी जो हंसकर झेल जाते हैं

ये मोहब्बत है मेरी, इसे बकवास मत समझो।

                                   ~ANKIT VERMA

सुहाना पल….

ए जिन्दगी तू भी भूल जा,
सब भूल गए अब उस पल को,

वो पल जो हम साथ बिताए थे,

जिस पल में हसें और गाए थे,

जिस पल में होती थी ठिठोलियाँ,

कहीं चुगलियां तो कहीं उगलियाँ,

कहीं खाती पीती मस्ती थी,

उसमे भी इक कस्ती थी,

हम कालेज में जब जाते थे,

वो दिन जो साथ बिताते थे,

कभी पढ़ते थे कभी लड़ते थे,

कभी यूं ही बातों-बातों में,

हम कुछ बड़ी कल्पना करते थे,

कुछ खट्टे मीठे प्रश्नों को हम,

सर से पूछा करते थे,

तब कभी नहीं हम सोचे थे,

इक दिन ऐसा भी आएगा,

जब छूट सब कुछ जाएगा,

हम दूर कहीं खो सा जाएंगे,

शायद फिर मिल भी न पाएंगे,

खुद को यही दिलासा दिलायेंगे,

ए जिन्दगी तू भी भूल जा,

सब भूल गए शायद उस पल को।

बचपन और स्कूल की मस्ती और दोस्ती को जीवनपर्यन्त कभी भुलाया नहीं जा सकता है, ये वो अनमोल समय या ईश्वर द्वारा दिया गया उपहार है जिसकी यादें हमेशा हमारे अंदर इक अजीब सी खुशी उत्पन्न करती हैं जिसका वर्णन हम शब्दों में नहीं कर सकते।

Love you all of you my friends who gave me the happiest childhood and college times. Miss you yr……

                                        ~ ANKIT VERMA

ए जिन्दगी थम जा जरा….

ए जिन्दगी थम जा जरा,मेरी उनसे मुलाकात हो गई
जो सोच रहा था मैं अब तक,अब वही बात हो गई

यूं   आँखें   मिली   और   शुरुआत   हो   गई

फिर   वही   हमारी   मुहब्बत   की   कहानी

अब इसी प्यार के सागर में हमें डूब जाने दे

ए जिन्दगी थम जा जरा….

उनकी   नीदों   मे , उनकी   ख्वाबों   मे

उनकी   आँखों   में ,  उनकी  बाहों   में

बस   अब   मुझे   खो    जाने  दे,

ए जिन्दगी थम जा जरा..

मेरे सोए हुए अरमा को फिर से जाग जाने दे

जो देखे थे सपने उनके लिए सच हो जाने दे

बस अब प्यार की राहों में हमें खो जाने दे

ए जिन्दगी थम जा जरा मेरी उनसे मुलाकात हो गई।

                                       ~ ANKIT VERMA

उड़नछू(१)….

यादों के गुलदस्ते मे,
मोहब्बत की तस्वीर बन गई,

वो इस.कदर हमसे बिछड़े,

कि पत्थर की लकीर बन गई,

पहले तो रूहों को भी एहसास था उनके होने का,

अब तो सिर्फ तन्हाइयाँ ही रह गई,

सोचा था कि हम मोहब्बत का मिसाल बना देंगे, 

पर अब तो दिल ही मशाल बन गई,

उनकी यादों की मशाल मे जलकर,

अब तो बस कंगाल ही रह गई,

सोचा था कि ऊँचा उड़ेंगे मोहब्बत की दुनिया में,

पर पंख इस कदर तोड़ा उन्होंने,

कि उड़ने की आश ही मिट गई।

                                  ~ ANKIT VERMA